ओबीसी और एससी-एसटी के तीन भागों में बांटने की तैयारी
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में आरक्षण को लेकर एक बहुत बड़े बदलाव की बात सामने आई है। जिसको लेकर राजनीतिक गलियारे में चर्चाएं तेज होने लगी हैं। पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को तीन बराबर हिस्सों में बांटने की बात कही है। गठित सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट के आधार पर एससी/एसटी और पिछड़ा वर्ग आरक्षण को बांटने की तैयारी है। सामाजिक न्याय समिति ने आरक्षण में बंटवारे का फार्मूला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपा गया है। जिसपर मंथन हो रहा है। इसमें तीन वर्ग बांटने का प्रस्ताव है पिछड़ा, अति पिछड़ा और सर्वाधिक पिछड़ा। वहीं एससी/एसटी में भी दलित, अति दलित और महादलित श्रेणी बनाकर इसे भी तीन हिस्से में बांटने की सिफारिश की है।
इस रिपोर्ट को लागू करने में जल्दबाजी नहीं की जा रही है। क्योंकि एेसा माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट को लागू करने के बाद राजनीतिक दलों में घमासान मच सकता है।
इस रिपोर्ट के लागू होने पर प्रदेश में यादव, ग्वाल, सुनार, कुर्मी, ढड़होर सहित 12 जातियां पिछड़ा वर्ग के कुल 27 फीसदी आरक्षण में से एक तिहाई आरक्षण पर सिमट जाएंगी। यदि पिछड़ा वर्ग की तीन श्रेणियों में 27 पदों पर भर्ती होनी है तो पिछड़ा वर्ग में रखी गई 12 जातियों को कुल 9 पद ही मिलेंगे।
तीन श्रेणियों में बांट दिया पिछड़ा वर्ग
सूत्रों के मुताबिक समिति ने अपनी रिपोर्ट में पिछड़ा वर्ग को तीन श्रेणियों में बांट दिया गया है। इस वर्ग को अब तक 27 फीसदी आरक्षण मिलता था। सिफारिश के मुताबिक अब तीनों श्रेणियों को 9-9-9 फीसदी आरक्षण देने की रिपोर्ट में संस्तुति की गई है। पिछड़ा वर्ग में 12, अति पिछड़ा में 59 और सर्वाधिक पिछड़ा में 79 जातियां रखी गई हैं।
ये होगा बदलाव
पिछड़ा वर्ग के 27 फीसदी आरक्षण में बंटवारा
-पिछड़ी जातियां 9 फीसदी
-अति पिछड़ी जातियां 9 फीसदी
-सर्वाधिक पिछड़े 9 फीसदी
दलित वर्ग के 22 फीसदी आरक्षण में बंटवारा
-दलित जातियां 7 फीसदी
-अति दलित जातियां 7 फीसदी
-महादलित जातियां 8 फीसदी


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