अघोरी साधुओं के ऐसे डार्क सीक्रेट्स, जो कानूनी तौर पर जुर्म हैं
श्मशान में सेक्स : अघोरी (aghori miracle) लड़कियों और औरतों के साथ, उनकी मर्ज़ी से शारीरिक संबंध बनाते हैं. अपनी मान्यताओं के हिसाब से अघोरी साधु श्मशानों में लाशों के ऊपर ये क्रिया करते हैं और उनका कहना होता है कि यह किसी किस्म के आनंद या मज़े के लिए नहीं बल्कि भाव समाधि के उद्देश्य से किया जाता है. अघोरियों का यह कार्यकलाप अक्सर चर्चा और कई तरह की बहसों में रहा है। कैनिबलिज़्म यानी नरभक्षण : अघोरियों के विश्वास के अनुसार उनका भोजन केवल लाश होता है. वो जीवित का भोजन नहीं करते इसलिए श्मशानों में मरे हुए मनुष्यों को वो अपना भोजन बनाते हैं. एक और मान्यता के हिसाब से अघोरी अपने भोजन को पका नहीं सकते हैं इसलिए वो ये मांस या तो कच्चा खाते हैं या सिर्फ आग यानी चिता में जला हुआ. गांजा और चिलम : अघोरियों का शौक नहीं बल्कि पहचान है गांजे का सेवन करना. चिलम के ज़रिये अघोरी साधु गांजा पीते हैं. अघोरी पंथ का कहना है कि गांजा पीना उनके लिए नशा करना नहीं होता है बल्कि यह भाव समाधि में पहुंचने का रास्ता होता है जिसके ज़रिये वो अलौकिक दुनिया में पहुंचते हैं और ध्यान की अवस्था को हासिल करते ...