कन्नौज कलेक्ट्रेट में वकीलों ने लेखपालों को दौड़ा कर पीटा और अफसरों को खदेड़ा
अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन कर रहे लेखपालों पर धावा बोला पुलिस ने लाठी चार्ज कर संभाली स्थिति।
कन्नौज। कलेक्ट्रेट परिसर मंगलवार को अखाड़ा बन गया। एडीएम कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण धरने पर बैठे लेखपाल और सदर तहसील से पैदल मार्च करते हुए पहुंचे अधिवक्ता आमने-सामने हो गए। एक-दूसरे को देखकर दोनों आक्रोशित हो गए। डीएम रवींद्र कुमार बीचबचाव करने पहुंचे तो उनके साथ धक्कामुक्की हुई। केले के छिलके हवा में उनके सामने फेंके गए। पेड़ की डाल तोड़कर अधिवक्ता-लेखपाल एक-दूसरे पर हमलावर हो गए।
इस पर पुलिस ने लाठी चलाई। इससे विवाद और बढ़ गया। इधर, मारपीट होते देख डीएम एडीएम के कक्ष में घुस गए। उनके सामने दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। लेखपालों का बैनर, टाट पट्टी व अभिलेख फाड़ दिए गए। परिसर में तोडफ़ोड़ हुई। महिला लेखपाल एडीएम कक्ष में घुस गईं तो साथी इधर-उधर जान बचाकर अन्य कोर्ट व कक्षों में घुस गए। लेखपल संघ के जिलाध्यक्ष अखिलेश मिश्रा ने बताया कि पूरे मामले में डीएम की लापरवाही रही है। उनके सामने लेखपालों से अभद्रता हुई। दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। इससे लेखपाल अजय अवस्थी का सिर फट गया। महामंत्री विमल के पैर में चोट आई।
कक्षों के अंदर विक्रम, पारुल कटियार, ङ्क्षपकी यादव को डंडों से पीटा गया। वह रोतीं रहीं लेकिन उन्हें भी नहीं छोड़ा गया। लेखपाल विक्रम के पीठ व अतुल के हाथ में चोट आईं। एक लेखपाल का हाथ फ्रैक्चर हो गया। इधर, लायर्स बार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रामबाबू राठौर ने बताया कि उनकी तरफ से मारपीट नहीं हुई, बल्कि लेखपालों ने उन्हें पीटा। इससे दो-तीन अधिवक्ता घायल हो गए। डीएम ने दोनों पक्षों में समझौता कराने का आश्वासन दिया है। उनके आश्वासन का इंतजार है। एडीएम उमेश चंद्र ने लेखपालों को जिला अस्पताल पहुंचाया। हंगामे के काफी देर बाद एसपी व एएसपी पुलिस बल समेत पहुंचे।
बता दें कन्नौज कलेक्ट्रेट परिसर में लेखपालों ने मंगलवार सुबह अधिवक्ताओं की कार्यशैली के विरोध में धरना प्रदर्शन शुरू किया था। इससे एकजुट होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे वकीलों ने लेखपालों से वापस लौटने को कहा। लेखपाल मानने को तैयार नहीं हुए तो उनपर धावा बोल दिया।

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