अगले 6 महीने में आएगी नौकरियों की बहार, 3-5 साल एक्सपीरियंस वालों को मिलेगा मौका
कंपनियां इस साल दूसरी छमाही में नई नियुक्यिां करने की तैयारी कर रही हैं और इसमें 3-5 साल अनुभव वाले कर्मचारियों की मांग सबसे ज्यादा रह सकती है.
अगर आपके पास 3-5 एक्सपीरियंस है तो अगले छह महीने में नौकरी का शानदार अवसर आपको मिल सकता है. कंपनियां इस साल दूसरी छमाही में नई नियुक्यिां करने की तैयारी कर रही हैं और इसमें 3-5 साल अनुभव वाले कर्मचारियों की मांग सबसे ज्यादा रह सकती है. एक सर्वे रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है.
छह महीनों में हायरिंग ऐक्टिविटी बढ़ने का अनुमान
जॉब साइट नौकरी.कॉम ने छमाही सर्वे नौकरी हायरिंग आउटलुक जुलाई-दिसंबर 2019 में बताया कि सर्वे में शामिल 78 फीसदी कंपनियों ने अगले छह महीनों में हायरिंग ऐक्टिविटी बढ़ने की अनुमान लगाया है. पिछले साल इसी अवधि में यह आकंड़ा 70 फीसदी रहा था.
बढ़ सकती है टैलेंट की तंगी
हालांकि, रोजगार के अवसर बनना अच्छा संकेत है, लेकिन कंपनियों को काबिल उम्मीदवार तलाशने में दिक्कत हो रही है. सर्वे में 41 फीसदी रिक्रूटर्स ने बताया कि अगले छह महीनों में टैलेंट की तंगी बढ़ सकती है. एक साल पहले यह आशंका 50 फीसदी कंपनियों ने जताई थी.
अगले 6 महीने सिर्फ रिप्लेसमेंट हायरिंग
सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, 16 फीसदी कंपनियों का कहना है कि अगले छह महीने सिर्फ रिप्लेसमेंट हायरिंग होगी. वहीं 5 फीसदी कहते हैं कि हायरिंग में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी, जबकि कुल कंपनियों में से एक फीसदी छंटनी की आशंका जता रहे हैं. आईटी, बीएफएसआई और बीपीओ की करीब 80-85 फीसदी कंपनियां नए नौकरियां पैदा होने का संकेत दे रही हैं.
3-5 साल का अनुभव वालों यहां मिलेगा मौका
सर्वे के अनुसार, सबसे ज्यादा हायरिंग 3-5 साल अनुभव वाले रखने वाले उम्मीदवारों की होगी. इसके बाद 1-3 साल का अनुभव रखने वालों को मौका मिलेगा. वहीं, कुल हायरिंग का करीब 18 फीसदी 8 साल से अधिक अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को मिलेगा. बीपीओ सेक्टर की कंपनियां अपनी कुल हायरिंग में 50 फीसदी जगह 0-1 साल अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को देंगी. वहीं, ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री 12 साल से ज्यादा एक्सपीरियंस वाले प्रोफेशनल्स को हायर करेंगी.
नौकरी बदलने वालों की सबसे बड़ी वजह
अधिकांश कंपनियों और उम्मीदवारों के मुताबिक, बेहतर कंपनसेशन, अच्छी प्रोफाइल और करियर ग्रोथ नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ी वजह है. हालांकि, कुछ कर्मचारी रिलोकेशन और मैनेजर की वजह से भी दूसरी कंपनी में चले जाते हैं. इस हायरिंग आउटलुक सर्वे में 15 से ज्यादा बड़ी इंडस्ट्रीज की करीब 2,700 कंपनियां और कंसल्टेंट्स शामिल किए गए थे.

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