गोरखपुर : असलहा खरीदने पर पुलिस ने सपा छात्रसभा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष को किया गिरफ्तार
गोरखपुर। फर्जी लाइसेंस पर असलहा खरीदने के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने शनिवार को सपा छात्रसभा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष आजम लारी और पूर्व असलहा बाबू विजय प्रकाश श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आजम के पास से फर्जी लाइसेंस और पिस्टल भी बरामद किया है। विजय प्रकाश के पास से कोई लाइसेंस या असलहा नहीं मिला है लेकिन उसने फर्जी लाइसेंस बनाया था। इसकी पुष्टि मजिस्ट्रेट जांच रिपोर्ट में भी हुई थी। फर्जी लाइसेंस का चार बार नवीनीकरण भी कराया गया था। गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया। कोतवाली के धम्मला मोहल्ला निवासी मोहम्मद आजम लारी और न्यू शाहपुर कॉलोनी निवासी विजय प्रकाश श्रीवास्तव का नाम पुलिस की जांच में सामने आया था।
कैंट थाने में दर्ज फर्जी लाइसेंस प्रकरण की जांच रहे एसआईटी प्रभारी और एएसपी बोत्रे रोहन प्रमोद के मुताबिक असलहा बाबू के पद पर रहने के दौरान विजय प्रकाश ने खुद का फर्जी लाइसेंस बनाया था और असलहा भी खरीदा था। उस लाइसेंस का चार बार नवीनीकरण भी कराया गया था, मगर पूछताछ में उसने लाइसेंस और असलहा के बारे में जानकारी नहीं दी है।
विजय के नाम दर्ज लाइसेंस के नंबर पर रेलवे डेयरी कॉलोनी निवासी जावेद का पिस्टल लाइसेंस जारी है। वहीं, सपा नेता आजम लारी के पास से फर्जी लाइसेंस पर खरीदा गया असलहा बरामद कर लिया गया है। आजम के पास से बरामद लाइसेंस के नंबर पर मियां बाजार निवासी भोला नाथ चौहान को पिस्टल का लाइसेंस जारी है।
एएसपी ने बताया कि मुखबिर के जरिए सूचना पर आजम लारी को पुलिस लाइंस के पास से और विजय को यातायात तिराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में जटेपुर चौकी प्रभारी मदन मोहन मिश्र, इंजीनियरिंग कॉलेज चौकी प्रभारी मनीष कुमार यादव, हेड कांस्टेबल फूलचंद, अजीत यादव, जग प्रसाद चौधरी शामिल थे।
दूसरी तरफ, मजिस्ट्रेटी जांच रिपोर्ट में भी पूर्व असलहा बाबू विजय श्रीवास्तव को आरोपी गया था जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन ने कहा था कि विजय ने फर्जी लाइसेंस बनवाया था।
मजिस्ट्रेट जांच में विजय का नाम सामने आया था। दूसरे आरोपी के बारे में पुलिस को जानकारी मिली थी। दोनों के लाइसेंस फर्जी होने की पुष्टि होने के बाद गिरफ्तारी कर कोर्ट में पेश किया गया जहां से जेल भेजा गया।आजम के पास से लाइसेंस और पिस्टल बरामद हुआ है जबकिविजय ने असलहा के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है जबकि चार बार उसके असलहे का नवीनीकरण भी हुआ था
- बोत्रे रोहन प्रमोद, एएसपी

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