देशी तकनीक की स्वचालित मशीन से उत्पादित कर रहा बिजली


कुशीनगर के एक किसान का बेटा देशी तकनीक से स्वचालित मशीन तैयार कर उससे बिजली उत्पादित कर रहा है। बिना बिजली व डीजल से चलने वाली मशीन लगातार तीन हजार वॉट पैदा होने वाली बिजली में से दो हजार वॉट का उपयोग किया जा रहा है। फ्री एनर्जी मशीन मुम्बई व दुबई की तकनीक से बनी है। इससे एक साथ दस पंखे व पांच वल्ब जलाए जा सकते हैं। इसके अलावा एक एसी भी चलाया जा सकता है। कम खर्च में तैयार यह मशीन काफी किफायती साबित हो रही है तथा छोटे परिवारों के लिए बेहतर मानी जा रही है।

पडरौना तहसील के सरपतही बुजुर्ग निवासी ब्रह्मा सिंह का पुत्र दारा सिंह बचपन से तकनीक में विश्वास रखता आ रहा है। आईटीआई करने के बाद मुम्बई के स्वीका इंजीनियरिंग फैक्ट्री में वह मशीन ऑपरेटर का काम करने लगा।

इसके कुछ साल बाद 2007 में दुदही पहुंचकर सीएनसी मशीन ऑपरेटर का काम किया। 2018 तक विदेश में रहने के बाद घर पहुंचकर दोनों स्थानों पर काम के दौरान मिले अनुभव के आधार पर देशी तकनीक से बिजली पैदा करने वाली मशीन बनाने में जुट गया। एक साल के अथक प्रयास के बाद उसने देशी तकनीक से स्वचालित फ्री एनर्जी मशीन तैयार करने में सफलता हासिल की। यह मशीन तीन हजार वॉट बिजली पैदा करती है। इसमें से एक हजार वाट बिजली मशीन में खपत होती है। शेष दो हजार वॉट से एक साथ दस पंखे, पांच वल्ब चलाए जा सकते हैं। इसके अलावा डेढ़ टन का एक एसी चलाया जा सकता है।

तीन भाग में बांट कर तैयार की मशीन
फ्री एनर्जी मशीन तीन भाग में बांटी गई है। पहले भाग में मशीन का फ्लाईव्हील है। दूसरे भाग में मोटर व तीसरे में अल्ट्रीनेटर को जोड़ा गया है। सबसे पहले फ्लाईव्हील को हाथ या बिजली के करंट से घुमाना है। इसके बाद फ्लाईव्हील अल्टीनेटर को घुमाएगा। जितनी स्पीड में अल्टीनेटर घूमेगा, उतनी ही बिजली मोटर को सप्लाई करेगा। अल्टीनेटर अधिकतम 220 वोल्ट बिजली की सप्लाई देगा। बिना डीजल व बिजली से संचालित मशीन लगातार बिजली की सप्लाई देता रहेगा। दारा के मुताबिक शुरू में 100 वोल्ट बिजली की सप्लाई के लिए फ्लाईव्हील को हाथ से घुमाना होगा। इसके बाद धीरे-धीरे अल्टीनेटर की सहायता मोटर को बिजली की सप्लाई देगा और वोल्ट बढ़ता जाता है। दो हजार वाट से ज्याद सप्लाई देने पर मशीन स्वत: बंद जाएगी।

इन उपकरणों से तैयार हुई मशीन
मशीन बनाने में 30 किलोग्राम का फ्लाईव्हील, दो एचपी का एक, एक एचपी का एक मोटर, चार इंच का एक साफ्ट, दो यूएसएफ ब्लाक, तीन केवीए के एक अल्टीनेटर समेत अन्य उपकरण लगाकर मशीन तैयार की गई है। 25 हजार की मामूली लागत में तैयार हुई मशीन 30 हजार में बिक्री के लिए भी उपलब्ध है। मशीन की तीन साल की गारंटी है। एक साल तक फ्री सर्विस दी जा रही है। दारा सिंह ने बताया कि मशीन तैयार के बाद पेटेंट रजिस्ट्रेशन के लिए नई दिल्ली आवेदन किया है।

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