घरेलू ईंंधन का तीर्थ क्षेत्र बनेगा गोरखपुर: धर्मेंद्र प्रधान


भारत सरकार के पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस एवं इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ एवं ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि आने वाले वर्षो में गोरखपुर ऊर्जा का क्षेत्र बनेगा। गुजरात के पश्चिमी तट से हजारों करोड़ रुपये खर्च कर दुनिया की सबसे बड़ी एलपीजी पाइप लाइन दो साल में गोरखपुर तक आ जाएगी। पूर्वी तट पारादीप से एक और पाइप लाइन मोतीहारी तक लाई जा चुकी है जिसे गोरखपुर को जोड़ेंगे। नेपाल और भूटान भी एलपीजी गैस पहुंचाएंगे। इससे आधुनिक भारत में गोरखपुर घरेलू ईधन का एक तीर्थ क्षेत्र बनेगा।

धर्मेंद्र प्रधान बुधवार को गोरखनाथ मंदिर के स्मृति भवन सभागार में ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की 5वीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजिल समारोह को सबोधित कर रहे थे।

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ एवं ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ ने आधुनिक भारत को सामाजिक सरसता का संस्कार दिया। इसी संस्कार में पढ़े बढ़े मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उज्ज्वला योजना की प्रेरणा मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 8 करोड़ परिवारों को रसोई गैस के कनेक्शन दिए गए।

इस एलपीजी बॉटलिंग प्लांट को गुजरात के कांडला से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर तक बनाई गैस पाइप लाइन के साथ ही प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा पाइपलाइन परियोजना से भी जोड़ने पर कार्य किया जा रहा है। जिससे क्षेत्र में स्वच्छ ईंधन की अपूर्ति सुचारू रूप से की जा सकेगी।

अपना संस्मरण सुनाते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि एक बार योगी आदित्यनाथ को उड़ीसा किसानों के भूमि अधिग्रहण के जन आंदोलन में लेकर गए। वहां एक छोटे से मंदिर में दलितों के प्रवेश को लेकर चल रहे विवाद ने योगी आदित्यनाथ को दुखी कर दिया। योगी आदित्यनाथ ने तब कहा था कि दलितों का प्रवेश वर्जित है तो उसे ठीक करों। यदि समाज दुर्बल होगा तो भौतिक प्रगति भी नहीं हो सकेगी। योगी आदित्यनाथ को यह संस्कार ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ एवं ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ से विरासत में मिले हैं। यह पीठ केवल प्रवचन नहीं करता बल्कि शौर्य भी दिखाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ते भारत को उत्तर प्रदेश, सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दिशा दिखाएगा। प्रधान ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर एक नया अध्याय जुड़ने वाला है। यहां अन्नदाता किसानल ऊर्जा दाता किसान बनेगा। पीठ के उद्देश्यों से खुद के प्रत्यत्न की ‘गिलहरी’ से तुलना करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा गोरखपुर में एक नया अध्याय आज जुड़ेगा। यहां शहर, घरलू, खेत और जंगल के कचरे से ऊर्जा बनाई जाएगी। प्रधानमंत्री कहते हैं कि किसान अब अन्नदाता ही नहीं ऊर्जा दाता भी बनेगा।

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