पूर्व कमिश्नर की पत्नी को जिंदा बताकर जालसाजी
गोरखपुर। पूर्व कमिश्नर की पत्नी को जिंदा बताकर जमीन हड़पी गोरखपुर। वर्ष 1980 में गोरखपुर के कमिश्नर रहे सैयद सिद्दीकी हसन की पत्नी को जिंदा दिखाकर जालसाजों ने भटहट के बांसस्थान में हाइवे किनारे स्थित उनकी जमीन की रजिस्ट्री करा दी। पूर्व कमिश्नर की पत्नी के साथ उनके पोते का भी फर्जी आईडी तैयार कर 6.5 एकड़ जमीन रजिस्ट्री होने की जानकारी होने पर पोते ने कैंट थाने में शिकायत की थी। पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, धोखाधड़ी सहित कई धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
लखनऊ के हजरतगंज के 9 रानी लक्ष्मीबाई मार्ग निवासी सैयद सिद्दीकी हसन पुत्र रशीद सैयद अहमद के दादा 1980 में कमिश्नर गोरखपुर थे।
इसी दौरान उन्होंने पत्नी आरा हसन और पोता सैयद सिद्दीकी हसन के नाम पर भटहट के बांसस्थान के मौजा पिपरी में जमीन रजिस्ट्री कराई थी। 16 फरवरी 1996 को आरा हसन की मौत हो गई। पोता सैयद सिद्दीकी हसन ने अभी जमीन का वरासत नहीं कराया था। इस बीच जालसाज 5 जनवरी 2019 को फर्जी आईडी बनाकर 40 वर्ष की महिला को खड़ा कर और उसका फोटो लगाकर दो एकड़ जमीन की रजिस्ट्री शाहपुर क्षेत्र के बशारतपुर, कृष्णानगर प्राइवेट कॉलोनी निवासी मारकंडेय सिंह पुत्र रामानंद सिंह और बशारतपुर, रामजानकीनगर निवासी पवन कुमार यादव पुत्र पन्ने लाल यादव के पक्ष में करवा दी। रजिस्ट्री में गवाही खजनी, कुरी बाजार क्षेत्र के सुअरहा गांव निवासी महेंद्र कुमार पुत्र भभूती एवं कैंपियरगंज, सरहरी निवासी उमेश पुत्र रामबेचन ने की है। इसके बाद जालसाजों ने पोता सैयद सिद्दीकी हसन के नाम पर एक व्यक्ति को खड़ा कर फर्जी आईडी और उसका फोटो लगाकर 8 फरवरी 2019 को तारामंडल क्षेत्र के एचआईजी बी/290 निवासी अंशु राय पत्नी संजीव शर्मा, गोला बाजार, ब्रह्मस्थान निवासी प्रवीण कुमार राय पुत्र बशिष्ट नारायन राय, मऊ जिले के मोहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र के अमरहत अमारी गांव निवासी कृपाशंकर राय पुत्र स्वर्गीय शिवबचन राय, राजेश कुमार राय पुत्र स्वर्गीय रामबचन राय और गोरखपुर, नकहा नंबर 1 अली असगर पुत्र अब्दुल अजीज के पक्ष में 4.5 एकड़ भूमि रजिस्ट्री कर दी गई। इस रजिस्ट्री में गवाही बेलीपार क्षेत्र के भिलौरा निवासी श्रवण पांडेय पुत्र रामचंदर पांडेय और शाहपुर क्षेत्र के आवास विकास कॉलोनी, गीता वाटिका वार्ड नंबर 31 निवासी राघवेंद्र दुबे पुत्र पारसमणि दुबे ने दी थी। पुलिस ने सभी के खिलाफ केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
ऐसे हुई जालसाजी की जानकारी
पूर्व कमिश्नर सैयद सिद्दीकी हसन के पोते का नाम भी सैयद सिद्दीकी हसन ही है। पोते ने दो महीने पहले जमीन की देखरेख की जिम्मेदारी कोतवाली के शाहमारुफ निवासी शमशुल हक को दे दी। पावन ऑफ अटार्नी देने के बाद जब शमशुल ने कागजात निकलवाए तो फर्जीवाड़े की जानकारी हुई।

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