IAS अफसर पर पत्नी की हत्या का केस दर्ज
आईएएस अफसर उमेश प्रताप सिंह ने बताया कि अनीता पिछले दो साल से अवसादग्रस्त थीं और उनका इलाज चल रहा था. मौके से पुलिस को मानसिक उपचार की दवाएं, आईएएस अफसर की लाइसेंसी पिस्टल और एक खोखा बरामद हुआ है. पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है.
लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजधानी लखनऊ (Lucknow) के चिनहट के विकल्पखंड स्थित सूडा के निदेशक उमेश प्रताप सिंह (State Urban Development Authority Director Umesh Pratap Singh) की पत्नी अनीता की मौत मामले में हत्या का केस दर्ज किया गया है. इस मामले में उमेश प्रताप सिंह के साले राजीव सिंह ने अपनी बहन के साथ मारपीट और आरोपी के कई महिलाओं से संबंध होने के आरोप लगाये हैं.
राजीव ने आईएएस अधिकारी उमेश प्रताप सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा कि गोली लगने के 2 घंटे बाद उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी.
पुलिस (Police) मामले को संदिग्ध मानते हुए इसकी हर एंगल से जांच कर रही है. पुलिस का कहना है कि उसे सूचना दो घंटे देरी से मिली. मामले में पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ होगी. उधर, आईएएस अफसर के बेटे आशुतोष ने बताया कि गोली चलने की आवाज पर वो फ़र्स्ट फ्लोर पर स्थित अपनी मां के कमरे की तरफ भागे. वहां उसने अपने पिता को कमरे का दरवाजा तोड़ते हुए देखा. इसके बाद खून से लथपथ मां को फौरन एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया. ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों ने अनीता को मृत घोषित कर दिया गया. परिवारजनों ने करीब चार बजे पुलिस को सूचना दी.
इस बीच आईएएस अफसर उमेश प्रताप सिंह ने बताया कि अनीता पिछले दो साल से अवसादग्रस्त थीं और उनका इलाज चल रहा था. मौके से पुलिस को मानसिक उपचार की दवाएं, आईएएस अफसर की लाइसेंसी पिस्टल और एक खोखा बरामद हुआ है. पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है.
पति के आखिरी मैसेज में कहा 'सॉरी फॉर आल' पुलिस के मुताबिक अनीता ने दो बजकर 22 मिनट पर अपने पति को व्हाट्सएप मैसेज भेजा था. जिसमें उन्होंने लिखा था, सॉरी फॉर आल. यह मैसेज उन्होंने क्यों और किस संदर्भ में भेजा इसकी भी जांच की जा रही है।

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