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Showing posts from November, 2018

गुलहरिया इंस्पेक्टर की बड़ी कार्यवाही

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*प्रेस विज्ञप्ति थाना गुलरिहा दिनांक 29-11-2018*   *श्री मान् वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय जनपद-गोरखपुर* में अपराधियोंकी गिरफ्तारी व वरामदगी हेतु आदेश के अनुपालन में पुलिस अधीक्षक उत्तरी महोदयके दिशा निर्देशन व क्षेत्राधिकारी चौरीचौरा महोदय के मार्ग दर्शन से चलाये जा रहे अभियान आपरेशनडिस्ट्रायके तहतप्रभारी निरीक्षक गिरजेश कुमार तिवारी , उ0नि0 श्री विजय कुमार राय, उ0नि0 शम्भूनाथ सिंह व उ0नि0 योगेन्द्र बाबू  द्वारा झुगिया बाजार में स्थित राधे- राधे मोबाइल झुगिया बाजार मे अवैध रूप से डाउनलोडिंग व अश्लील फिल्मो की डाउनलोडिंग की धंधा करने वाले राजू कस्यप पुत्र स्व0 राधेश्याम कस्यप निवासी झुगिया बाजार थाना गुलरिहा जनपद गोरखपुर मय  एक अदद डेस्टाप, एक अदद CPU, एक अदद कि बोर्ड एक अदद कार्ड रीडर ,एक अदद मोबाईल लावा कम्पनी इत्यादि बरामद  हुआ । अभियुक्त द्वारा अवैध तरीके से डाउनलोडिंग , बिना लाईसेंस के  अवैध रूप से पाईरेटेड सी.डी बनाने का धंधा कर टी-सिरीज कम्पनी व राजकीय कोश को क्षति कारित करने का कार्य किया जाता है।  इसके अतिरिक्त युवा पीढी को अश्लील फिल्मो को सर्व ...

उत्तर प्रदेश सरकार ने जारी किया सत्र 2019 की छुट्टियो के लिस्ट

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* उत्तर प्रदेश सरकार ने जारी किए 2019 के छुट्टीयो की लिस्ट,,,* *लखनऊ*. नए साल के आगमन से पहले ही यूपी सरकार ने 2019 में किस-किस दिन व कौन सी तारीखों पर छुट्टियां रहेंगी,  इसका एलान कर दिया हैं। यूपी राज्यपाल राम नाईके ने 2019 के सार्वजनिक अवकाशों जैसे - पर्व/त्यौहार, राष्ट्रीय पर्व एवं महापुरुषों की जन्म तिथियों पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। इसमें साफ कहा गया है कि दी गई अवकाशों की सूची ही आधिकारिक अवकाश माने जाएंगे। यूपी सरकार द्वारा संबंधित शासन के नोटिफिकेशन में कहा गया है कि यदि किसी दिन कोई पर्व, राष्ट्रीय पर्व या महापुरुष की जन्मतिथि एक साथ घटती है तो ऐसी स्थिति में महापुरुष की जयंती के लिए अलग से अवकाश घोषित नहीं किया जाएगा। देखें वर्ष 2019 में पड़ने वाली छुट्टियों की पूरी लिस्ट- जनवरी- 1 जनवरी 2019 -- नववर्ष 13 जनवरी 2019-- गुरु गोविंद सिंह जयंती 15 जनवरी 2019 -- मकर संक्रांति 24 जनवरी 2019-- जननायक कर्पूरी ठाकुर जन्म दिवस 26 जनवरी 2019 -- गणतंत्र दिवस फरवरी- 10 फरवरी 2018 -- बसंत पंचमी 19 फरवरी 2018 -- गुरू रविदास जयंती 19 फरवरी 2018 -- शिवाजी जयंती ...

भगवान शिव को क्यो प्रिय है बेलपत्र जाने

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शिव को बेलपत्र इतने प्रिय क्यों है ? नारद जी ने एकबार भोलेनाथ की स्तुति कर पूछा – प्रभु आपको प्रसन्न करने के लिए सबसे उत्तम और सुलभ साधन क्या है। हे त्रिलोकीनाथ आप तो निर्विकार और निष्काम हैं, आप सहज ही प्रसन्न हो जाते हैं। फिर भी मेरी जानने की इच्छा है कि आपको क्या प्रिय है ?  शिवजी बोले- नारदजी वैसे तो मुझे भक्त के भाव सबसे प्रिय हैं, फिर भी आपने पूछा है तो बताता हूं। मुझे जल के साथ-साथ बिल्वपत्र बहुत प्रिय है। जो अखंड बिल्वपत्र मुझे श्रद्धा से अर्पित करते हैं मैं उन्हें अपने लोक में स्थान देता हूं। नारद जी भगवान शंकर औऱ माता पार्वती की वंदना कर अपने लोक को चले गए। उनके जाने के पश्चात पार्वती जी ने शिव जी से पूछा- हे प्रभु मेरी यह जानने की बड़ी उत्कट इच्छा हो रही है कि आपको बेलपत्र इतने प्रिय क्यों है। कृपा करके मेरी जिज्ञासा शांत करें। शिव जी बोले- हे शिवे ! बिल्व के पत्ते मेरी जटा के समान हैं। उसका त्रिपत्र यानी तीन पत्ते, ऋग्वेद, यजुर्वेद और सामवेद हैं. शाखाएं समस्त शास्त्र का स्वरूप हैं। विल्ववृक्ष को आप पृथ्वी का कल्पवृक्ष समझें जो ब्रह्मा-विष्णु-शिव स्वरूप है। ...

भगवान विष्णु के मोहिनी अवतार की कथा

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ऊँ नमों नारायणाय  ऊँ नमों भगवते वासुदेवाय  जय श्रीहरि भगवान श्री विष्णु के मोहिनी अवतार की कथा!!!!! मोहिनीi हिन्दू भगवान विष्णु का एकमात्र स्त्री रूप अवतार है। इसमें उन्हें ऐसे स्त्री रूप में दिखाया गया है जो सभी को मोहित कर ले। उसके प्रेम में वशीभूत होकर कोई भी सब भूल जाता है, चाहे वह भगवान शिव ही क्यों न हों। इस अवतार का उल्लेख महाभारत में भी आता है। समुद्र मंथन के समय जब देवताओं व असुरों को सागर से अमृत मिल चुका था, तब देवताओं को यह डर था कि असुर कहीं अमृत पीकर अमर न हो जायें। तब वे भगवान विष्णु के पास गये व प्रार्थना की कि ऐसा होने से रोकें। तब भगवान विष्णु ने मोहिणि अवतार लेकर अमृत देवताओं को पिलाया व असुरों को मोहित कर अमर होने से रोका। कई विभिन्न कथाओं के अनुसार मोहिनी रूप के विवाह का प्रसंग भी आया है, जिसमें शिव से विवाह व विहार का विशेष विवरण आता है। इसके अलावा भस्मासुर प्रसंग भी प्रसिद्ध है मोहिनी और भस्मासुर की कथा :- कई हिंदू पौराणिक कथाओं का जन्म देवताओं व असुरों की शत्रुता से हुआ है। असुर बहुत निर्दई व क्रूर होते हैं तथा इनका काम धरती पर बुराई फैलान...

पशुपतिनाथ मंदिर विशेषता

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पशुपतिनाथ मंदिर,क्या है इस लिंग की विशेषता?????? महज भौतिक सुख-सुविधाओं की ओर ध्यान ना देकर आध्यात्मिकता और मानव चेतना को समर्पित करते हुए किसी देश को बनाने की कल्पना पूरे विश्व में अनूठी है। ऐसा करने वाले देश शायद तिब्बत और नेपाल ही हैं। नेपाल देश भले ही छोटा हो, लेकिन आध्यात्मिक दृष्टि से यह खासा महत्वपूर्ण है। हालांकि अस्थिरता के कारण यह देश अपने आध्यात्मिक खजाने को संभाल नहीं पाया और अब इस पर आधुनिकता की परत चढ़ रही है: नेपाल अध्यात्म की भूमि है और एक समय में यह जगह पूरी तरह से जिंदगी के आध्यात्मिक पहलुओं से जुड़ी हुई थी। दुर्भाग्य से इस देश को राजनैतिक और आर्थिकस्तर पर बेहद उठा-पटक और पतन का दौर देखना पड़ा। इसी वजह से वे अपने यहां हुए इस उम्दा काम को जो कई सौ सालों में हुआ था, सही तरह से सहेज कर नहीं रख पाए। जो हम आज देख रहे हैं, वे दरअसल बचे हुए अवशेष हैं। लेकिन जो कुछ भी बचा है, वह भी असाधारण है। पशुपतिनाथ,तांत्रिक विद्या का सबसे प्रमुख मंदिर!!!!!!! नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर को कुछ मायनों में तमाम मंदिरों में सबसे प्रमुख माना जाता है। ‘पशुपति’का अर्थ है – पशु मतलब ‘...

वालेण्टेर द्वारा सरहनीय कार्य

एसपी ट्रैफिक गोरखपुर की सराहनीय पहल

इस ब्रम्हाण्ड का विस्तार कैसे हुआ

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श्री मद्भागवत महापुराण​की कथा, सृष्टि विस्तार कैसे हुआ?????? विदुर जी ने मैत्रीय जी से बोले- महाराज! कृपा करके आप मुझे यह बताइए- सुखाय कर्माणि करोति लोको  न तैः सुखं वान्यदुपारमं वा।  विन्देत भुयस्तत एव दुःखं यदत्र युक्तं भगवान वदेन्न:।। अर्थात- संसार में सब लोग सुख के लिए कर्म करते हैं। परंतु उनसे ना तो उन्हें कोई सुख ही मिलता है और ना उनका दुख ही दूर होता है। ऐसा क्यों?.. तब मैत्रेय मुनि ने विस्तार से बताया पहले तो उन्होंने सृष्टि का स्वरूप बताया। बोले- विदुर जी! भगवान ने बड़ी कृपा करी जो संसार में दु:ख ही दु:ख भर दिया। जीव जब भगवान से पृथक होता है तो संसार में जन्म लेने के लिए रोने लगा। प्रभु! मैं आपको छोड़कर जा रहा हूं, भगवान बोले- तू दु:खी मत हो तू वापस मेरे पास आएगा। बोला- वह कैसे? भगवान बोले- मैंने मृत्युलोक में एक उपाय किया है, वहां मैंने दु:ख ही दु:ख भर दिया है। उस से क्या होगा? भगवान बोले- जब तू उस दु:ख से परेशान हो जाएगा, पीड़ित होने लगेगा। तब तुझे सुख की चाह होगी, उस दिन तू मुझे याद करेगा और मैं तुम्हें अपने पास बुला लूंगा। विदुरजी! यह संसार एक दु:ख...

मूर्ति पूजा का रहस्य क्या है ? हिन्दू क्यो करते है मूर्ति की पूजा

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मूर्ति पूजा का रहस्य क्या है? हिन्दू मूर्ति पूजा क्यों करते हैं? आज की चर्चा का विषय हैं, मूर्ति पूजा। मूर्ति पूजा की उत्पत्ती कहा से हुई? आखिर मूर्ति पूजा का प्रचलन कहा से हुआ? हम चर्चा करेगे कि मूर्ति पूजा की कोई उपयोगिता भी हैं या मूर्ति पूजा सवर्था व्यर्थ है? मूर्ति पूजा के दोनों पक्षों पर दृष्टिपात करते हुये हम देखेगे कि – मूर्ति पूजा की आवश्कता क्या है? इस चर्चा में हम आगे मूर्ति पूजा का वैज्ञानिक पक्ष रखते हुये मूर्ति पूजा के व्यवहारिक पक्ष का विवेचन करेगे। और अंत में मूर्ति पूजा के मानसिक प्रभाव का वर्णन करते हुये मूर्ति पूजा के समाजिक पक्ष का समालोचनात्मक अध्ययन करते हुये इस चर्चा को पूरा करेगे। मूर्ति पूजा की उत्पत्ती कब हुई इस विषय में निश्चिन्त: कुछ कहा नही जा सकता किन्तु महाभारत काल से इसका विवरण प्राप्त होना आरम्भ हो जाता हैं। और यह जान कर करना भी क्या हैं कि किसकी उत्पत्ती कब हुई। भूतकाल में जाकर कुछ परिवर्तन तो कर नही सकते, और परिवर्तन भी क्यों करना है, जो है वो परिनिष्पन्न है। मूर्ति पूजा को समझने के लिये हमे विकास के क्रम को समझना पड़ेगा। शिशु पैदा होता ह...

क्या बजरंगबली हनुमानजी रघुवंशी है ?

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मित्रो आज मंगलवार है, पढ़े क्या हनुमानजी रघुवंशी है????? श्री गुरु चरन सरोज रज निज मनु मुकुरु सुधारि। बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि॥ भावार्थ:-श्री गुरुजी के चरण कमलों की रज से अपने मन रूपी दर्पण को साफ करके मैं श्री रघुनाथजी के उस निर्मल यश का वर्णन करता हूँ, जो चारों फलों को (धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष को) देने वाला है। मित्रों, सांसारिक दृष्टि से भी अगर विचार करे आपने वह कथा तो सुनी होगी, हनुमानजी भी रघुवंशी है, जिस प्रसाद से इन चारों भाईयों का जन्म हुआ उसी यज्ञ के प्रसाद से श्री हनुमानजी का भी जन्म हुआ, प्रसाद के रूप अलग-अलग थे श्रीहनुमानजी भी रघुवंशी है, इसलिये गोस्वामीजी ने कहा था कि "बरनउँ रघुबर विमल जसु" मैं किसी बन्दर के यश का वर्णन नही कर रहा हूँ बल्कि रघुवर के यश का वर्णन कर रहा हूँ, क्योंकि हनुमानजी रघुवंशी है, रघुवर माने रघुकुलश्रेष्ठ है। जिनको भगवान् स्वयं रघुवर श्रेष्ठ कह रहे हैं, "सुन सुत तोहि उरिन मैं नाहीं" उनकी श्रेष्ठता का कौन वर्णन करे, जिस प्रसाद से श्रीभरतजी का जन्म हुआ है उसी प्रसाद से श्रीहनुमानजी का भी, हमने संतो के श्रीमुख स...

पवनपुत्र हनुमान का निवास स्थान कलयुग में इस पर्वत पर है

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कलयुग में पवनपुत्र हनुमानजी महाराज का निवास स्थान गंधमादन पर्वत!!!!!! * रामु अमित गुन सागर थाह कि पावइ कोइ। संतन्ह सन जस किछु सुनेउँ तुम्हहि सुनायउँ सोइ॥ भावार्थ:-श्री रामजी अपार गुणों के समुद्र हैं, क्या उनकी कोई थाह पा सकता है? संतों से मैंने जैसा कुछ सुना था, वही आपको सुनाया॥ धर्म प्रसार के लिए अमर हैं हनुमान,,,,,प्रभु श्रीराम के भक्त हनुमान को अमर माना जाता है। पुराणों के अनुसार श्रीराम एवं सीता माता ने बजरंगबली को कलयुग में अधर्म के नाश और धर्म के प्रसार के लिए अमरत्व का वरदान दिया था। इसी कारण धरती पर कुछ प्रमुख स्थानों को हनुमान का निवास स्थान माना जाता है। इन्हीं विशेष जगहों में से गंधमादन पर्वत एक है। कैलाश के उत्तर दिशा में है स्थित,,,,गंधमादन एक छोटा-सा पर्वत है, जो हिमालय के कैलाश पर्वत के उत्तर दिशा में स्थित है। वर्तमान में ये तिब्बत के क्षेत्र में आता है। यहां जाने के तीन रास्ते हैं। पहला मार्ग नेपाल होते हुए मानसरोवर के आगे, दूसरा विकल्प भूटान के पहाड़ी इलाके से और तीसरा रास्ता अरुणाचल से चीन होते हुए है। पुराणों से होती है पुष्टि,,,,,गंधमादन पर्वत बजरंगबल...

तीर्थ यात्रा करने के क्या महत्व है जाने

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तीर्थ यात्रा का महत्व ????? तीर्थ यात्रा का हिन्दू संस्कृति और हिन्दू धर्म में विशेष महत्व है। इसलिए हिन्दू धर्म से संबंधित हर जन जाति के मनुष्य की दिली इच्छा रहती है कि वह अपने जीवन में भारत के सभी तीर्थो के दर्शन करके अपने जीवन को सफल करे।  जिसके लिए मनुष्य अपना घर बार बच्चे छोडकर यात्रा पर निकल जाता है, कभी कभी तो वह अपने जीवन भर की सारी सम्पत्ति को भी एक बार में न्यौछावर करने के लिए तैयार हो जाता है। सवाल यह उठता है कि तीर्थो में ऐसा क्या है। जिसके लिए मनुष्य यह त्याग और बलिदान देने के लिए तैयार हो जाता है। और इस त्याग और बलिदान की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है। आईए मित्रो सबसे पहले हम तीर्थ शब्द के अर्थ के बारे में जानते आखिर इस तीर्थ नामक पवित्र शब्द में क्या छुपा है? जिसके लिए मनुष्य इतना उत्साहित रहता है। तीर्थ का अर्थ : - “तीर्थ” शब्द का आधुनिक तरीके से अर्थ निकाला जाए तो “ती” शब्द से तीन और “र्थ” शब्द से अर्थ निकलता है। इस तरह से इसका अर्थ बनता है “तीन अर्थो की सिद्धि” यानि जिससे तीन पदार्थो की प्राप्ति हो उसे तीर्थ कहते है। आईए इसे मानव के जीवन से जो...

जानिए सनातन धर्म के 18 पुराणों के बारे में

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सभी हिंदुओं को जानना चाहिए, सनातन धर्म के अठारह पुराणों के बारे  में,,, पुराण शब्द का अर्थ है प्राचीन कथा। पुराण विश्व साहित्य के प्रचीनत्म ग्रँथ हैं। उन में लिखित ज्ञान और नैतिकता की बातें आज भी प्रासंगिक, अमूल्य तथा मानव सभ्यता की आधारशिला हैं। वेदों की भाषा तथा शैली कठिन है। पुराण उसी ज्ञान के सहज तथा रोचक संस्करण हैं। उन में जटिल तथ्यों को कथाओं के माध्यम से समझाया गया है।  पुराणों का विषय नैतिकता, विचार, भूगोल, खगोल, राजनीति, संस्कृति, सामाजिक परम्परायें, विज्ञान तथा अन्य विषय हैं। विशेष तथ्य यह है कि पुराणों में देवा-देवताओं, राजाओ, और ऋषि-मुनियों के साथ साथ जन साधारण की कथायें भी उल्लेख किया गया हैं जिस से पौराणिक काल के सभी पहलूओं का चित्रण मिलता है। महृर्षि वेदव्यास ने 18 पुराणों का संस्कृत भाषा में संकलन किया है। ब्रह्मा विष्णु तथा महेश्वर उन पुराणों के मुख्य देव हैं। त्रिमूर्ति के प्रत्येक भगवान स्वरूप को छः पुराण समर्पित किये गये हैं। इन 18 पुराणों के अतिरिक्त 16 उप-पुराण भी हैं किन्तु विषय को सीमित रखने के लिये केवल मुख्य पुराणों का संक्षिप्त परिचय ही दि...

ओबीसी और एससी-एसटी के तीन भागों में बांटने की तैयारी

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में आरक्षण को लेकर एक बहुत बड़े बदलाव की बात सामने आई है। जिसको लेकर राजनीतिक गलियारे में चर्चाएं तेज होने लगी हैं। पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को तीन बराबर हिस्सों में बांटने की बात कही है। गठित सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट के आधार पर एससी/एसटी और पिछड़ा वर्ग आरक्षण को बांटने की तैयारी है। सामाजिक न्याय समिति ने आरक्षण में बंटवारे का फार्मूला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपा गया है। जिसपर मंथन हो रहा है। इसमें तीन वर्ग बांटने का प्रस्ताव है पिछड़ा, अति पिछड़ा और सर्वाधिक पिछड़ा। वहीं एससी/एसटी में भी दलित, अति दलित और महादलित श्रेणी बनाकर इसे भी तीन हिस्से में बांटने की सिफारिश की है। इस रिपोर्ट को लागू करने में जल्दबाजी नहीं की जा रही है। क्योंकि एेसा माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट को लागू करने के बाद राजनीतिक दलों में घमासान मच सकता है। इस रिपोर्ट के लागू होने पर प्रदेश में यादव, ग्वाल, सुनार, कुर्मी, ढड़होर सहित 12 जातियां पिछड़ा वर्ग के कुल 27 फीसदी आरक्षण में से एक तिहाई आरक्षण पर सिमट जाएंगी। यदि पिछड़ा वर्ग की तीन श्रेणियों में 27 पदों पर भर्ती होनी है तो पिछड़ा...

उड़ी हुई है बीजेपी नेताओं की नींद, सबके मन में चल रहा है- मेरे राम अब बस तेरा सहारा

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बीजेपी के सांसदों का भविष्य राम भरोसे रह गया है. लेकिन इस बार भगवान भी टेंट से बाहर आए बिना भगवा भक्तों का कल्याण करने के मूड में नहीं हैं. यूपी में समाजवादी पार्टी और बीएसपी के प्रस्तावित गठबंधन से बीजेपी नेता परेशान हैं. लखनऊ : अयोध्या में संघ परिवार की धर्म सभा तो ख़त्म हो गई लेकिन अब आगे क्या ? इस एक सवाल ने बीजेपी नेताओं की नींद उड़ा दी है. पार्टी के लोकसभा सांसदों का तो हाल बुरा है. कुछ ही महीनों बाद उन्हें जनता के बीच परीक्षा देनी है. हालात दिन ब दिन ख़राब हो रहे हैं. न उज्जवला गैस योजना से जीत का उजाला ढूढ़ पा रहे हैं. न ही आयुष्मान योजना से विजयी भव का आशीर्वाद मिलता दिख रहा है. बीजेपी के सांसदों का भविष्य राम भरोसे रह गया है.   लेकिन इस बार भगवान भी टेंट से बाहर आए बिना भगवा भक्तों का कल्याण करने के मूड में नहीं हैं. यूपी में समाजवादी पार्टी और बीएसपी के प्रस्तावित गठबंधन से बीजेपी नेता परेशान हैं. वे इस बार राम मंदिर का नारा नहीं, भव्य मंदिर बनते हुए देखना चाहते हैं. रामलला हम आयेंगे, मंदिर वहीं बनायेंगे. यहां तक तो ठीक है. लेकिन तारीख़ कब बतायेंगे. यूपी में बीजेपी...

पेट्रोल आैर डीजल की कीमत में कटौती

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नर्इ दिल्ली। इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल के गिरते दाम आैर डाॅलर के मुकाबले रुपए में मजबूती आने से देश में पेट्रोल आैर डीजल के दाम में कटौती देखने को मिल रही है। जहां 91 रुपए प्रति लीटर तक पहुंचने वाला पेट्रोल अब पूरे देश में 80 रुपए से नीचे आ चुका है। पिछले करीब 54 दिनों में पेट्रोल के दाम में 12 रुपए प्रति लीटर की कटौती हो चुकी है। वहीं डीजल के दाम में भी भारी कटौती हुर्इ है। इसी अवधि में डीजल करीब 8 रुपए प्रति लीटर तक कम हो चुका है। आर्इआेसीएल से मिली जानकारी के अनुसार देश के महानगरों में पेट्रोल पर आैसतन 42 आैर डीजल पर 40 पैसे प्रति लीटर तक दाम कम हुए हैं। आइए आपको भी बताते हैं कि आज की इस कटौती की वजह से देश के चारों महानगरों में पेट्रोल आैर डीजल के दाम क्या हो गए हैं… पेट्रोल के दाम में भारी कटौती आर्इआेसीएल से मिली जानकारी के अनुसार आज देश के चारों महानगरों में पेट्रोल के दाम में भारी कटौती की गर्इ है। नर्इ दिल्ली में पेट्रोल के दाम में 42 पैसे प्रति लीटर की कटौती की गर्इ है। जिसके बाद यहां पर पेट्रोल के दाम 74.07 रुपए प्रति लीटर हो गए हैं। कोलकाता आैर मुंबर्इ में पेट्रोल के...

यूपी के इस शहर में चल रहे थे करोड़ों के नकली नोट, जब पुलिस ने पकड़ा तो तरीका जान उसके भी उड़ गए होश

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मुरादाबाद: शहर की पाकबड़ा पुलिस ने एक बड़ा खुलासा किया है,जिसमें ब्लैक मनी को वाइट करने के लिए एक एनजीओ लोगों से ठगी कर रहा था। ये लोग अपने खाते में रकम पड़ वाने के बाद पार्टी को नकली रूपए थमा देते थे। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर इस गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार कर उसके पास से एक करोड़ छयालिस लाख के नकली नोटों की गड्डियां बरामद की है। जबकि उनके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है।